सब कुछ
प्रेम ही तो है
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दिल की धड़कन
हाँथ का कंगन
आंखों में कजरा
बालों में गजरा
हया की लाली
कानों की बाली
विरह की पीड़ा
मिलन का आनंद
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शून्य से अनंत तक
इस धरा से उस गगन तक
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मौजूद हर चीज़
प्रेम ही तो है.....!!
अंकित तिवारी
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