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Wednesday, May 19, 2021

 बच्चों के विकास  में माता -पिता का योगदान 


आजकल एक समस्या प्रत्येक माता -पिता के मन में घर कर गयी है ..........की कैसे अपने बच्चे को .........सबसे ऊपर पायदान पे लाये ..............कैसे हमारा बच्चा ..............टोपर की श्रेणी में आये ..............उनका ध्यान इस बात पे रहता ही नहीं है ............की बच्चे की खुसी किसमे है ................वो कैसे अपने आप को बिकसित कर सकता है  ..............बच्चे की मानसिकता को बिना जाने .............हमारे आज -कल के माता पिता निर्णय लेने में महारत हासिल कर चुके है ..................आईये इस बीमारी से ..............हमारे माता -पिता को निकाले   और एक बेहतर .............भारत के निर्माड में ...............अपना योगदान दे ......

कुछ सुझाव .................आपके अपने बच्चों के लिए ............पढ़ने के लिए शुक्रिया ||


 

 

दुनिया भर में लाखों माता-पिता के लिए दिन का अंत स्कूल की घंटी के साथ नहीं होता है। अभी भी चित्रों को चित्रित किया जाना है, गाने गाए जाने हैं और खेल खेले जाने हैं। यह सब बच्चों को खुश, सुरक्षित और परेशानी से बाहर रखने में मदद करता है। 

 

लेकिन, माता-पिता को ओवरबोर्ड जाने से बचना होगा। स्कूल के बाद बेबी सिटिंग नहीं है: स्कूल के बाद की गतिविधियाँ तभी फलती-फूलती हैं जब इसमें पर्याप्त माता-पिता की भागीदारी हो। माता-पिता के बिना अपने छोटे नायकों को किनारे से खुश किए बिना एक सॉकर मैच क्या होगा?

 

 अनुसंधान करें और चुनें: सुविधा के बजाय निर्णायक कारक होने के बजाय, उन चीजों का पता लगाएं, जो आपके बच्चे को रुचिकर लगे। एक बार जब आप एक कार्यक्रम का चयन कर लेते हैं, तो ठीक प्रिंट प्राप्त करें और पता करें कि आपको क्या योगदान देना है।

 

 खाली समय: कई बच्चे पियानो कक्षाओं में भाग लेते हैं, उसके बाद बैले और कुछ समय के बीच में खेलने की तारीखों के लिए निचोड़ते हैं, इससे पहले कि वे बिस्तर पर समय पर घर जाते हैं। यह कठोरता एक बच्चे के लिए बहुत अधिक है।

 तो, धीमे चलें। 

 

 

 कब छोड़ें: अक्सर, माता-पिता यह पता लगाने के लिए अपने बच्चे को एक गतिविधि में नामांकित करते हैं कि वह वह विलक्षण नहीं हो सकता है जो उन्होंने सोचा था कि वह होगा। यह जाने देने का समय है। हो सकता है कि आपका बच्चा अगला वंडर-किड न बने। लेकिन, उसे वह रुचि पैदा करने दें जो उसे पसंद है। याद रखें, खुशी और तृप्ति ही सब कुछ है।

 

 बेहत आभार आप सभी का .................मेरे एक ब्लॉग से किसी एक बच्चे को उसकी खुसी प्राप्त होती है तो ...............मेरा लिखना सार्थक है ....................आप सब माता - पिता से अपील है ...................आपका बच्चा आपके लिए ईश्वर का वरदान है .................इसे देवतुल्य समझ कर ही इनका ललन -पालन करे ||

आज के बच्चे कल का भारत है ...............तो अपने देश को मजबूत बनाये ||

धन्यवाद ||


अंकित तिवारी :)) 

 


 

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