जो रहा हो
वियोग में
जो रोया हो
पल पल
किसी एक
अपने के लिए
जिसने देखा हो
एक एक कर
हर अपने को
ख़ुद से दूर जाते हुए
वो किसी को क्या
वियोग में देख पायेगा
वो किसी की आँखों में
क्या आंसू देख पायेगा
वो क्या किसी को
छोड़ कर जा पायेगा
सुनो! मैं तुम्हें छोड़ कर
कहीं न जा पाऊंगा.....!!
अंकित तिवारी
No comments:
Post a Comment