हमने सोचा न था
आप यूँ अचानक से
इक दिन हमको मिल जाएंगे
बिखरे हुए ख़्वाब सारे
आँखों में फ़िर से मुस्कुरायेंगे .. हमने सोचा न था
आप आएंगे और
इस तरह मेरे दिल में बस जाएंगे
थाम कर हाँथ मेरा
यूँ हमको संग अपने ले जाएंगे .. हमने सोचा न था...!!
अंकित तिवारी
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
संसद भवन में स्थापित सेंगोल का क्या इतिहास है ?(पांच हजार पूर्व का इतिहास )
पीएम नरेंद्र मोदी जी का एक और ऐतिहासिक फ़ैसला जिसने हमारे पूज्य प्रधानमंत्री जी के गौरव के साथ - साथ भारत के भी सम्मान को भी बढ़...
-
जिन सपनों को हम किसी से साझा करने में कतराते हैं कहते हैं! हम उन सपनों को कभी पूरा नहीं कर सकते बस यही सोच हमने कर दिया है अपना सपना तुम...
-
बात है सन 2005 की, हाईस्कूल पास किया था और यही वो वर्ष था जब मैंने अपना घर परिवार सब कुछ छोड़ दिया था। उसके कुछ कारण हैं जो बाद में फिर कभी। ...
-
घरेलू स्त्रियों के पास होते हैं बहुत सारे आंसू आँसू....हर घटना के लिए आँसू जो....देन होते हैं घर के पुरुषों की......!! अंकित तिवारी ***...
No comments:
Post a Comment