प्रेम....
एक नन्हे से
अबोध
बालक
की भांति
हठी और चंचल
होता है
जिस पर
जितना आवश्यक है
अधिकार जताना
उतना ही आवश्यक है
उसके प्रति अपना
समर्पण भाव रखना....!!
अंकित तिवारी
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
संसद भवन में स्थापित सेंगोल का क्या इतिहास है ?(पांच हजार पूर्व का इतिहास )
पीएम नरेंद्र मोदी जी का एक और ऐतिहासिक फ़ैसला जिसने हमारे पूज्य प्रधानमंत्री जी के गौरव के साथ - साथ भारत के भी सम्मान को भी बढ़...
-
जिन सपनों को हम किसी से साझा करने में कतराते हैं कहते हैं! हम उन सपनों को कभी पूरा नहीं कर सकते बस यही सोच हमने कर दिया है अपना सपना तुम...
-
बात है सन 2005 की, हाईस्कूल पास किया था और यही वो वर्ष था जब मैंने अपना घर परिवार सब कुछ छोड़ दिया था। उसके कुछ कारण हैं जो बाद में फिर कभी। ...
-
आज चाय पीते हुए मेरे मन में ख्याल आया कि काश एक दिन ऐसा होता मेरे पति देव सुबह सुबह मुझे चाय देते हुए उठाते । वो भी चाय कि साधारण कप नही । ...
No comments:
Post a Comment