प्रेम....
एक नन्हे से
अबोध
बालक
की भांति
हठी और चंचल
होता है
जिस पर
जितना आवश्यक है
अधिकार जताना
उतना ही आवश्यक है
उसके प्रति अपना
समर्पण भाव रखना....!!
अंकित तिवारी
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