की मुट्ठी में
छुपाया गया प्रेम
एक रोज़
ईश्वर का नाम
बनकर मेरी
हथेली पर
अंकित हो जाएगा....!!
अंकित तिवारी
Wednesday, April 21, 2021
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
संसद भवन में स्थापित सेंगोल का क्या इतिहास है ?(पांच हजार पूर्व का इतिहास )
पीएम नरेंद्र मोदी जी का एक और ऐतिहासिक फ़ैसला जिसने हमारे पूज्य प्रधानमंत्री जी के गौरव के साथ - साथ भारत के भी सम्मान को भी बढ़...
-
बात है सन 2005 की, हाईस्कूल पास किया था और यही वो वर्ष था जब मैंने अपना घर परिवार सब कुछ छोड़ दिया था। उसके कुछ कारण हैं जो बाद में फिर कभी। ...
-
हटाती है जब वो पेशानी से अपनी जुल्फ़ें लज़ाकर ख़ुद ही अपनी नज़रें झुका लेती है सुना है वो आजकल लेकर अपने लबों से मेरा नाम ख़ुद ही ख़ुद से लज...
-
देवी स्वयंप्रभा रामचरितमानस के अनुसार देवी स्वयंप्रभा मेरूसावर्णि की पुत्री थी जिसका जन्म भगवान् व्रह्मा के आशीर्वाद से हुआ था | जब भगवान...

No comments:
Post a Comment