वो लिख देता है
दर्द-ए-दिल
लोग आते और उसे
सराह कर चले जाते
कोई कहता
वाह! वाह!
कोई कहता
वाह! क्या
लाज़वाब दर्द लिखा है
मगर इस सब वाहवाही
के बीच कोई शख़्श
रोता बहुत है और
रोकर फ़िर
ख़ुद ही चुप हो जाता है...!!
अंकित तिवारी
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