तुम
पड़ना
प्रेम में
गर कभी
तो करना
अपने
प्रेमी/प्रेमिका
से
कुछ ऐसे प्रेम
जैसे
करता है
एक नन्हा शिशु
मिट्टी के बने
खिलौने से
और
अपनी जननी से....!!
अंकित तिवारी
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